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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के सबसे महत्वपूर्ण अधिवेशन

महत्वपूर्ण कांग्रेस अधिवेशन (Important Congress Sessions) 1885 – बॉम्बे (प्रथम अधिवेशन): डब्ल्यू. सी. बनर्जी की अध्यक्षता में गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में पहला अधिवेशन हुआ, जिसमें 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 1886 – कलकत्ता: दादाभाई नौरोजी इसके अध्यक्ष बने। इस अधिवेशन में नेशनल कॉन्फ्रेंस का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विलय कर दिया गया था। 1887 … Read more

औपनिवेशिक भारत में प्रशासनिक एवं संवैधानिक विकास

सिविल सेवा का विकास (Civil Services) सिविल सेवा के जनक: लॉर्ड कॉर्नवॉलिस को भारत में सिविल सेवा का जनक माना जाता है, जिन्होंने भ्रष्टाचार रोकने के लिए कड़े नियम बनाए। फोर्ट विलियम कॉलेज: लॉर्ड वेलेजली ने 1800 में युवा नागरिक अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए कलकत्ता में इसकी स्थापना की थी। हेलीबरी कॉलेज: 1806 में … Read more

भारतीय प्रेस का इतिहास (Indian Press)

शुरुआती प्रयास: भारत का पहला समाचार पत्र ‘बंगाल गजट’ 1780 में जेम्स ऑगस्टस हिकी द्वारा शुरू किया गया था। राजा राममोहन राय का योगदान: उन्होंने ‘संवाद कौमुदी’ और ‘मिरात-उल-अखबार’ के माध्यम से सामाजिक सुधारों और प्रेस की स्वतंत्रता की वकालत की। सेंसरशिप एक्ट 1799: लॉर्ड वेलेजली ने फ्रांसीसी आक्रमण के डर से अखबारों पर युद्धकालीन … Read more

क्रांतिकारी गतिविधियों का द्वितीय चरण (Second Phase of Revolutionary Activities)

उत्तर भारत में क्रांतिकारी गतिविधियां पुनरुत्थान के कारण: असहयोग आंदोलन के अचानक वापस लिए जाने से निराश युवाओं ने एक बार फिर सशस्त्र क्रांति का मार्ग चुना। एचआरए की स्थापना (1924): सचिंद्रनाथ सान्याल और रामप्रसाद बिस्मिल ने कानपुर में ‘हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HRA) का गठन किया। काकोरी ट्रेन डकैती (1925): एचआरए के क्रांतिकारियों ने हथियारों … Read more

उग्र राष्ट्रवाद और क्रांतिकारी गतिविधियां

उग्र राष्ट्रवाद के उदय के कारण (Causes of Militant Nationalism) उदारवादियों से निराशा: कांग्रेस के शुरुआती नेताओं की ‘याचिका और प्रार्थना’ की शांतिपूर्ण नीतियां युवाओं को आकर्षित करने और अधिकार दिलाने में पूरी तरह असफल रहीं। अंतरराष्ट्रीय प्रभाव: जापान द्वारा रूस को हराने (1905) और इथियोपिया की इटली पर विजय ने यूरोपीय अजेयता के भ्रम … Read more

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

स्थापना और प्रारंभिक स्वरूप (Foundation & Phase) स्थापना (1885): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में की गई थी। संस्थापक और अध्यक्ष: सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए. ओ. ह्यूम इसके मुख्य संस्थापक थे और प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी बने। शुरुआती सदस्य: कांग्रेस के पहले ऐतिहासिक अधिवेशन … Read more

भारत में आधुनिक राष्ट्रवाद का उदय

राष्ट्रवाद के उदय के कारण (Factors Prompting Nationalism) ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियां: अंग्रेजों के आर्थिक शोषण और भारत को केवल कच्चा माल उत्पादक बनाने की नीति ने भारतीय हितों को एकजुट किया। राजनैतिक और प्रशासनिक एकीकरण: अंग्रेजों द्वारा पूरे देश में एक समान कानून, न्याय प्रणाली और प्रशासनिक ढांचा लागू करने से एकता आई। यातायात और … Read more

सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन

राजा राममोहन राय और ब्रह्म समाज सुधारों की शुरुआत: पश्चिमी विचारों और तर्कवाद के प्रभाव से 19वीं सदी में भारतीय समाज को सुधारने के लिए अनेक प्रयास शुरू हुए। राजा राममोहन राय: इन्हें ‘भारतीय पुनर्जागरण का जनक’ कहा जाता है। इन्होंने अंधविश्वासों, मूर्तिपूजा और बहुदेववाद का कड़ा विरोध किया। आत्मीय सभा (1814): राममोहन राय ने … Read more

1857 का विद्रोह

राजनीतिक और आर्थिक कारण (Causes) हड़प नीति (Doctrine of Lapse): लॉर्ड डलहौजी की इस दमनकारी नीति ने सतारा, संबलपुर और झांसी जैसी रियासतों को जबरन ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया। अवध का विलय (1856): अंग्रेजों ने कुशासन का झूठा आरोप लगाकर अवध को हड़पा, जिससे वहां के नवाब और सैनिक बेहद आक्रोषित थे। आर्थिक शोषण: ब्रिटिश … Read more

भारत में यूरोपीय कंपनियों के आगमन (Advent of Europeans):

व्यापारिक मार्ग की खोज: 1453 में कुस्तुनतुनिया (Constantinople) पर उस्मानी तुर्कों के कब्जे के कारण यूरोप-भारत का पुराना व्यापारिक मार्ग बंद हो गया। नए समुद्री मार्ग की आवश्यकता: मसालों के व्यापार पर एकाधिकार और मुनाफा कमाने के लिए यूरोपीय देशों ने भारत के लिए नए मार्ग खोजे। पुर्तगालियों का आगमन (1498): वास्को डी गामा 1498 … Read more

गांधी युग और स्वतंत्र भारत

गांधी युग और सत्याग्रह जनवरी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा पर आधारित ‘सत्याग्रह’ को अपना मुख्य हथियार बनाया। भारत में गांधी जी का पहला सफल आंदोलन 1917 का चम्पारण सत्याग्रह था, जहाँ उन्होंने बिहार के तिनकठिया प्रथा (जबरन नील की खेती) के खिलाफ किसानों को … Read more

भारत में ब्रिटिश शासन

वर्ष 1757 के प्लासी के युद्ध में रॉबर्ट क्लाइव ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को हराकर भारत में ब्रिटिश सत्ता की पहली राजनीतिक नींव रखी। इसके बाद 1764 के बक्सर के युद्ध में अंग्रेजों ने बंगाल, अवध के नवाबों और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना को पराजित किया। बक्सर की ऐतिहासिक जीत … Read more