प्रमुख तत्व संरचना: भूपर्पटी का 98% से अधिक भाग केवल 8 प्रमुख तत्वों (ऑक्सीजन, सिलिकॉन, एल्युमिनियम, लोहा, कैल्शियम, सोडियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम) से मिलकर बना है।
ऑक्सीजन एवं सिलिकॉन: भूपर्पटी में सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व ऑक्सीजन (लगभग 46.6%) है, जिसके बाद सिलिकॉन (लगभग 27.7%) का दूसरा प्रमुख स्थान आता है।
खनिज की परिभाषा: खनिज प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकार्बनिक ठोस पदार्थ हैं, जिनका एक निश्चित रासायनिक संघटन और विशिष्ट आंतरिक परमाण्विक क्रिस्टल ढाँचा होता है।
फेल्डस्पार खनिज: यह भूपर्पटी में सबसे प्रचुर मात्रा में मिलने वाला खनिज समूह है; पृथ्वी की पर्पटी का लगभग आधा हिस्सा फेल्डस्पार खनिजों से बना है।
क्वार्ट्ज खनिज: सिलिकॉन और ऑक्सीजन से निर्मित यह दूसरा सबसे प्रमुख खनिज है; यह अत्यधिक कठोर, जल में अघुलनशील तथा रेत एवं ग्रेनाइट का मुख्य घटक है।
पायरोक्सीन और एम्फीबोल: ये गहरे रंग के जटिल सिलिकेट खनिज हैं, जो मुख्य रूप से मैग्नीशियम, लोहा और कैल्शियम से समृद्ध होकर बेसाल्टिक चट्टानों में पाए जाते हैं।
माइका (अभ्रक): यह पटलित (Layered) संरचना वाला लचीला सिलिकेट खनिज है; उच्च ताप व विद्युत रोधी होने के कारण इसका औद्योगिक महत्व सर्वाधिक है।
चट्टान (Rock) की परिभाषा: एक या एक से अधिक खनिजों के प्राकृतिक समुच्चय को चट्टान कहते हैं; इनका कोई निश्चित रासायनिक संघटन नहीं होता है।
भौतिक विशेषताएं: चट्टानें ग्रेनाइट की तरह अत्यधिक कठोर या बलुआ पत्थर/चिकनी मिट्टी की तरह कोमल और पारगम्य अथवा अपारगम्य हो सकती हैं।
चट्टानों का महत्व: चट्टानें विभिन्न मूल्यवान धात्विक अयस्कों, जीवाश्म ईंधनों, निर्माण सामग्रियों और मृदा निर्माण के मूल जनक पदार्थों (Parent Materials) का प्राथमिक स्रोत हैं।