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Air Masses and Fronts: Definition, Types and Classification (वायु राशियां एवं वाताग्र)

वायु राशि (Air Mass) की परिभाषा: हवा का एक विशालकाय पिंड (सैकड़ों किमी विस्तृत), जिसके क्षैतिज स्तरों पर तापमान और आर्द्रता संबंधी भौतिक गुण लगभग एक समान होते हैं।

उत्पत्ति क्षेत्र (Source Region): विस्तृत, समरूप भू-भाग (जैसे शांत महासागर या विस्तृत बर्फ का मैदान) जहाँ वायु लंबे समय तक स्थिर रहकर वहाँ के गुण ग्रहण करती है।

वर्गीकरण के आधार: तापमान के आधार पर ध्रुवीय (Polar – P) व उष्णकटिबंधीय (Tropical – T); तथा आर्द्रता के आधार पर महासागरीय (Maritime – m) व महाद्वीपीय (Continental – c)।

चार प्रमुख प्रकार: महाद्वीपीय ध्रुवीय (cP – शुष्क व ठंडी), महासागरीय ध्रुवीय (mP – नम व ठंडी), महाद्वीपीय उष्णकटिबंधीय (cT – शुष्क व गर्म), महासागरीय उष्णकटिबंधीय (mT – नम व गर्म)।

वाताग्र (Front) की परिभाषा: दो विपरीत तापमान, घनत्व और आर्द्रता वाली वायु राशियों के मिलने पर उनके बीच बनने वाली ढालू संक्रमण सीमा को वाताग्र कहते हैं।

वाताग्रजनन (Frontogenesis): दो भिन्न वायु राशियों के अभिसरण से वाताग्र के बनने या तीव्र होने की प्रक्रिया को वाताग्रजनन और उसके क्षय को ‘वाताग्रलयन’ (Frontolysis) कहते हैं।

शीत वाताग्र (Cold Front): जब तीव्र गति वाली ठंडी और सघन वायु राशि तेजी से आगे बढ़कर गर्म व हल्की वायु को ऊपर की ओर धकेलती है।

उष्ण वाताग्र (Warm Front): जब गर्म वायु संहति सक्रिय होकर ठंडी वायु राशि के ऊपर धीरे-धीरे मंद ढाल के सहारे ऊपर चढ़ती है।

अधिविष्ट वाताग्र (Occluded Front): जब तेजी से बढ़ता शीत वाताग्र पूरी तरह उष्ण वाताग्र को पछाड़कर गर्म हवा को धरातल से पूरी तरह ऊपर उठा देता है।

स्थिर वाताग्र (Stationary Front): जब दो भिन्न वायु राशियां आमने-सामने मिलती हैं परंतु उनमें से कोई भी एक-दूसरे की ओर आगे नहीं बढ़ती, जिससे स्थिति स्थिर रहती है।

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