rankersnotes.com

केंद्रीय सचिवालय और PMO

केंद्रीय सचिवालय: यह भारत सरकार का मुख्य नीति-निर्धारक और प्रशासनिक समन्वय केंद्र है, जहाँ भारत सरकार के सभी प्रमुख मंत्रालय और उनके विभाग स्थित होते हैं।

कार्यप्रणाली: सचिवालय का मुख्य कार्य मंत्रियों को नीति निर्माण में प्रशासनिक सहायता देना, नीतियां ड्राफ्ट करना, और संसद के प्रश्नों का उत्तर तैयार करना है।

सचिव का पद: प्रत्येक मंत्रालय का प्रशासनिक प्रमुख एक ‘सचिव’ (Secretary) होता है (जो वरिष्ठ IAS अधिकारी होता है), जो मंत्री का मुख्य विधिक और प्रशासनिक सलाहकार होता है।

स्प्लिट सिस्टम (Split System): भारत में नीति निर्माण (सचिवालय द्वारा) और नीति क्रियान्वयन (कार्यकारी निदेशालयों/एजेंसियों द्वारा) को अलग रखा गया है, इसे स्प्लिट सिस्टम कहते हैं।

मंत्रिमंडल सचिवालय (Cabinet Secretariat): यह कैबिनेट की बैठकों के लिए एजेंडा तैयार करता है और विभिन्न मंत्रालयों के बीच अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित करता है।

PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय): यह एक गैर-संवैधानिक संस्था है जो प्रधानमंत्री को सीधे सचिवीय और प्रशासनिक सहायता प्रदान करती है। इसकी भूमिका अत्यधिक शक्तिशाली होती है।

PMO का विकास: इसका उदय 1947 में ‘प्रधानमंत्री सचिवालय’ के रूप में हुआ था। 1977 में मोरारजी देसाई की सरकार के दौरान इसका नाम बदलकर PMO कर दिया गया।

प्रधान सचिव (Principal Secretary): PMO का प्रशासनिक प्रमुख ‘प्रधान सचिव’ होता है, जो प्रधानमंत्री का सबसे करीबी और शीर्ष प्रशासनिक रणनीतिकार माना जाता है।

PMO के कार्य: यह प्रधानमंत्री के सभी आधिकारिक दौरों, रक्षा व विदेशी मामलों, अति-महत्वपूर्ण फाइलों और राष्ट्रीय महत्व के नीतिगत मुद्दों को संभालता है।

सत्ता का केंद्र: पिछले कुछ दशकों में PMO कैबिनेट सचिवालय से भी अधिक शक्तिशाली होकर भारत सरकार की निर्णय प्रक्रिया का वास्तविक ‘पावर हाउस’ बन गया है।

नीति आयोग से संबंध: PMO नीति आयोग के साथ मिलकर राष्ट्रीय विकास के विजन और थिंक-टैंक संबंधी कार्यों पर सीधा नियंत्रण रखता है।

नियुक्तियों में भूमिका: देश के शीर्ष पदों (जैसे RBI गवर्नर, सेना प्रमुख, CBI चीफ) पर नियुक्तियों के मामलों की फाइलें PMO की मंजूरी से होकर ही गुजरती हैं।

आपातकाल में नियंत्रण: किसी राष्ट्रीय आपदा, युद्ध या आर्थिक संकट के समय PMO संपूर्ण प्रशासनिक मशीनरी को सीधे अपने नियंत्रण में ले लेता है।

अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति: विदेश मंत्रालय के अलावा, PMO अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और खुफिया एजेंसियों (RAW, IB) के कार्यों की सीधी निगरानी करता है।

थिंक-टैंक की भूमिका: PMO प्रधानमंत्री को विभिन्न राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी मुद्दों पर स्वतंत्र, निष्पक्ष और विशेषज्ञ सलाह देने के लिए एक थिंक-टैंक के रूप में कार्य करता है।

Leave a Comment