पुलिन / बीच (Beaches): रचनात्मक समुद्री तरंगों (Constructive Waves) द्वारा तट के किनारे बिछाई गई रेत, बजरी और कंकड़-पत्थरों की अस्थायी ढालू निक्षेपण परत।
तटीय टिब्बा (Coastal Dunes): समुद्र तट (बीच) से चलने वाली ऑन-शोर पवनों द्वारा रेत को पीछे उड़ाकर बनाए गए बालू के लंबे टीले।
रोधिका (Bars): तट के समानांतर या थोड़ा तिरछे समुद्र के उथले जल में रेत और शिंगल के निक्षेप से बनी जलमग्न या अर्ध-जलमग्न बालू भित्ति।
तटीय रोध (Barrier Bars): जब कोई बालू रोधिका इतनी अधिक ऊंची और विस्तृत हो जाती है कि वह स्थायी रूप से समुद्र जल से ऊपर निकल आती है।
स्पिट (Spit): तट या अंतरीप से शुरू होकर खुले समुद्र की ओर एक सिरे से बाहर निकला हुआ रेत का संकरा, रेखीय टीला।
हुक (Hook): जब समुद्री धाराओं और तरंगों के मुड़ने के कारण किसी स्पिट का बाहरी सिरा मुड़कर भूमि की ओर वक्राकार हो जाता है।
टोम्बोलो (Tombolo): रेत या बजरी की वह प्राकृतिक संकरी पट्टी जो मुख्य तट को समुद्र में स्थित किसी छोटे द्वीप से भौतिक रूप से जोड़ती है।
लैगून (Lagoons): जब रोधिका या बैरियर बार समुद्र के खारे पानी के एक हिस्से को मुख्य समुद्र से पूरी तरह या आंशिक रूप से अलग कर देती है।
भारतीय लैगून उदाहरण: ओडिशा की चिल्का झील, आंध्र प्रदेश की पुलिकट झील और केरल के वेम्बनाड कयाल (Backwaters) प्रमुख तटीय लैगून के उदाहरण हैं।
ज्वारीय पंख (Tidal Inlets): बैरियर बार के बीच स्थित वे संकरे खुले चैनल जिनसे होकर ज्वार-भाटे का पानी लैगून और खुले समुद्र के बीच आता-जाता है।