सिद्धांत का विकास: 1967 में मैकेंजी, पार्कर और मॉर्गन ने स्वतंत्र रूप से विचारों को एकीकृत कर ‘प्लेट विवर्तनिकी’ (Plate Tectonics) का व्यापक वैज्ञानिक सिद्धांत प्रतिपादित किया।
विवर्तनिक प्लेट की परिभाषा: पृथ्वी का ठोस स्थलमंडल (Lithosphere – पर्पटी व ऊपरी मैंटल) स्वतंत्र रूप से तैरने वाले अनेक कठोर, अनियमित आकार के विशाल खंडों में बंटा है जिन्हें प्लेट कहते हैं।
दुर्बलता मंडल पर संचलन: ये कठोर स्थलमंडलीय प्लेटें (लगभग 100-200 किमी मोटी) नीचे स्थित अर्ध-तरल, प्लास्टिक ‘दुर्बलता मंडल’ (Asthenosphere) पर लगातार क्षैतिज रूप से संचरित होती हैं।
सात प्रमुख प्लेटें (Major Plates): अंटार्कटिक, उत्तरी अमेरिकी, दक्षिणी अमेरिकी, प्रशांत (सबसे बड़ी महासागरीय प्लेट), भारत-ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड, अफ्रीकी और यूरेशियन प्लेटें सात मुख्य प्लेटें हैं।
गौण प्लेटें (Minor Plates): अरेबियन, कोकोस (मध्य अमेरिका), नाज़का (द. अमेरिका के पश्चिम), फिलीपीन, कैरोलिन, जुआन डी फूका और स्कोटिया प्रमुख लघु/गौण विवर्तनिक प्लेटें हैं।
अपसारी सीमा (Divergent Boundary): जहाँ दो प्लेटें एक-दूसरे से विपरीत दिशा में दूर खिसकती हैं; यहाँ दरारें बनती हैं और नया क्रस्ट निर्मित होता है (जैसे मध्य-अटलांटिक कटक)।
अभिसारी सीमा (Convergent Boundary): जहाँ दो प्लेटें आमने-सामने टकराती हैं; सघन प्लेट का नीचे क्षेपण (Subduction) होता है और क्रस्ट का विनाश होता है (जैसे ट्रेंच, वलित पर्वत)
रूपांतर सीमा (Transform Boundary): जहाँ प्लेटें बिना क्रस्ट बनाए या नष्ट किए क्षैतिज रूप से एक-दूसरे के समानांतर फिसलती हैं (जैसे कैलिफोर्निया का सैन एंड्रियास भ्रंश)।
प्लेट गति की दर: प्लेटों की गति की गति अलग-अलग होती है; पूर्वी प्रशांत उभार सबसे तीव्र (15 सेमी/वर्ष से अधिक) और आर्कटिक कटक सबसे धीमी (2.5 सेमी/वर्ष से कम) है।
वैश्विक भू-गतिकी: प्लेट सीमाओं पर ही विश्व के अधिकांश भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट, समुद्री गर्त, द्वीप चाप और विशाल वलित पर्वत श्रृंखलाओं की उत्पत्ति होती है।