अक्षांश की परिभाषा: भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की ओर किसी भी स्थान की कोणीय दूरी (Angular Distance) को अक्षांश कहते हैं, जिसे डिग्री (°), मिनट और सेकंड में मापा जाता है।
समानांतर वृत्त (Parallels): सभी अक्षांश रेखाएं भूमध्य रेखा के समानांतर पूर्व से पश्चिम की ओर खींचे गए पूर्ण वृत्त होती हैं, जो एक-दूसरे को कभी नहीं काटती हैं।
भूमध्य रेखा (Equator): 0° अक्षांश को भूमध्य रेखा कहते हैं; यह पृथ्वी का सबसे बड़ा अक्षांशीय वृत्त (Great Circle) है, जो पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्धों में विभाजित करता है।
अक्षांशों की लंबाई में कमी: भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर बढ़ने पर अक्षांश वृत्तों की परिधि लगातार छोटी होती जाती है और ध्रुवों पर यह मात्र एक बिंदु (90°) रह जाती है।
अक्षांशों के बीच की दूरी: दो समानांतर अक्षांश रेखाओं के बीच की औसत दूरी लगभग 111 किलोमीटर होती है; पृथ्वी के आकार के कारण यह ध्रुवों के पास थोड़ी बढ़ जाती है।
कर्क एवं मकर रेखा: 23.5° उत्तरी अक्षांश को कर्क रेखा तथा 23.5° दक्षिणी अक्षांश को मकर रेखा कहते हैं; ये रेखाएं सूर्य के प्रत्यक्ष उत्तरायण और दक्षिणायन की अंतिम सीमाएं हैं।
आर्कटिक एवं अंटार्कटिक वृत्त: 66.5° उत्तरी अक्षांश को आर्कटिक वृत्त और 66.5° दक्षिणी अक्षांश को अंटार्कटिक वृत्त कहते हैं, जो उप-ध्रुवीय जलवायु क्षेत्रों का सीमांकन करते हैं।
ध्रुवीय बिंदु (Poles): 90° उत्तरी अक्षांश (उत्तरी ध्रुव) और 90° दक्षिणी अक्षांश (दक्षिणी ध्रुव) पृथ्वी के घूर्णन अक्ष के अंतिम बिंदु हैं, जो वृत्त न होकर बिंदु रूप में होते हैं।
कुल संख्या: भूमध्य रेखा सहित कुल 181 अक्षांश रेखाएं (90 उत्तर + 90 दक्षिण + 1 भूमध्य रेखा) मानी जाती हैं, जबकि केवल अक्षांश वृत्तों की संख्या 179 होती है।
जलवायु निर्धारण में महत्व: अक्षांश किसी स्थान पर सूर्य की किरणों के आपतन कोण और सौर ऊर्जा की मात्रा निर्धारित करते हैं, जिससे वैश्विक जलवायु पेटियों का निर्माण होता है।